क्यों अपना ही घर हमें, छोड़कर भागना पड़ा
हुक्मरान थे नींद में, हमें जागना पड़ा
पुस्तैनी जमीन छोड़ी, सपनों का मकां गया
किलकारियों भरा आंगन, किसे पूछूँ कहांँ गया
क्या कसूर था हमारा, क्यों जो बेदखल किया
बेबस बेकसूरों का, किस जुर्म में कतल किया
रो रहीं बहू बेटियाँ, बुजुर्ग सब हताश थे
न पनाह अपनत्व की, अपने भी लाश लाश थे
कैसे बचाई जान हमने, रात के अंधेरों में
चीखती कराहें कह रही, कश्मीर के गधेरों में
सत् सनातन के राही, करते थे शिव का ध्यान सदा
नि:शस्त्र शास्त्र का हनन हुआ, इस बात का सबको पता
फिर भी सभी खामोश हैं, ना हलचल कोई सदन में है
शरणागत के भांति फिरते, अब तलक हम वतन में हैं
हक हमें भी अपना चाहिए, जमीं अपनी कश्मीर में
बहुत सह लिए ज़ख़्म, बेवजह आए मेरे तकदीर में
अब कोई तो निर्णय करो, फैसले जो हक मे हो
मुस्कान सिर्फ चेहरे पे नहीं, खुशी हर रग रग मे हो
फिर से वही घर चाहिए, और वहीं बसेरा हो
अब नफरतों की शाम ढ़ले, अमन का सवेरा हो
Kashmir se nikale jane ka dard khub baya kiya hai.. Bahut khub
ReplyDeleteशुक्रिया
Deleteसुन्दर सृजन
ReplyDeleteबहुत-बहुत आभार गुरूजी
DeleteNice❤️
ReplyDeleteThank you
Deleteआपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" मंगलवार 14 दिसम्बर 2021 को साझा की गयी है....
ReplyDeleteपाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!
आपका बहुत-बहुत आभार
Deleteकशमीरी पंडितों के दर्द को बयां करती हृदयस्पर्शि रचना
ReplyDeleteबहुत-बहुत आभार आपका...
Deleteवाह ..कश्मीरी पंडितों के अन्तर्मन में उठते हृदयस्पर्शी भावों को कहती भावभरी कविता ।
ReplyDelete👌👌
ReplyDeleteदिल से निकलती एक आह!
ReplyDeleteबेहतरीन सृजन।
सादर
बहुत-बहुत आभार
ReplyDeleteबहुत सुन्दर
ReplyDeleteतहेदिल से आभार
DeleteThank you
ReplyDeleteVery nice poem,
ReplyDeleteThank you
DeleteAwsm
ReplyDeleteThank you
Deleteबहुत बढ़िया भाई
ReplyDeleteबहुत-बहुत आभार भाई
DeleteSuprb❣️
ReplyDeleteThanks
Delete👌🤝
ReplyDelete🙏
Delete😍😍😍😍😍
ReplyDelete🙏🙏
Deleteपावन होली कीशुभकामनाएं......
ReplyDeleteआप की लिखी.....
इस खूबसूरत पोस्ट को......
दिनांक 20/03/2022 को
पांच लिंको का आनंद पर लिंक किया गया है। आप भी सादर आमंत्रित है।
धन्यवाद।
बहुत-बहुत आभार महोदय
Deleteऐसा ही हो ।
ReplyDeleteतरल अनुभूति ।
बेबाक अभिव्यक्ति ।
बस बहुत हुआ ।
अब तो लग जाए दुआ ।
बहुत-बहुत आभार
DeleteBahut sundar
ReplyDeleteThank you so much
DeleteYour words are on🔥
ReplyDeleteThank you so much
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