Tuesday, September 16, 2025

“एक राष्ट्र, अनगिनत राग”


 हिमालय की गोद में बसा कश्मीर,

बर्फ़ की चादर में डल झील की तासीर।

हिमाचल की घाटियों में देवता उतरते हैं,

उत्तराखंड की नदियों में खुद शिव जल भरते हैं।


पंजाब की सरसों गाती है वीरों का गान,

हरियाणा की मिट्टी है मेहनत की शान।

गंगा-यमुना का मिलन से बनाता यू. पी. महान,

बिहार के गया व नालंदा ने दिया विश्व को ज्ञान।


लाल क़िले से गूँजती है स्वतंत्रता की शपथ,

क़ुतुब से संसद तक गढ़ा है लोकतंत्र का पथ ।

गंगा-जमुनी तहज़ीब की पनाह मे सबका एक मत,

दिल्ली है दिल, जहाँ से धड़कता है पूरा भारत।


झारखंड के जंगलों में ढोल की थाप,

छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातियों का आलाप।

ओडिशा की रथयात्रा खींचती है श्रद्धा की डोर,

बंगाल की हवा में अब भी साहित्य का शोर।


सिक्किम के फूलों से खुसबू हर पल,

अरुणाचल है भारत का सूर्योदय स्थल।

आसाम की चाय से महकती हर टपरी,

मेघालय के बादलों में दिखती है बेफिक्री।


नगालैंड के पर्व और रंग बिरंगे परिधान 

मणिपुर का नृत्य और खेल भारत के शान।

मिज़ोरम की पहाड़ियों से झरनों का गीत,

त्रिपुरा की गलियों में इतिहास का मीत।


गुजरात का गरबा और गिर के शेर 

राजस्थान मे ही है "भारत का मक्का" अजमेर ।

महाराष्ट्र की धड़कन है छत्रपती शिवाजी महान,

गोवा 'स्वतंत्रता-संग्राम' की अंतिम जीत की पहचान |


कर्नाटक की वीणा में गूंजते है प्राचीन राग,

केरल की नावों संग बहता शीतल बैराग।

तमिलनाडु में प्राचीन मंदिर और दक्खिन का पठार

आंध्र-तेलंगाना में प्रसिद्ध बालाजी और चारमीनार।


अंडमान-निकोबार दिखलाती स्वतंत्रता का समर्पण,

लक्षद्वीप के नीले पानी में झलकता है ईश्वर का दर्पण।

'लौहपुरुष' ने सब रियासतों को मिलाकर किया कार्य नेक 

"अब राज्य तमाम है, मगर भारत सबकी आत्मा एक"



14 comments:

  1. Replies
    1. बहुत बहुत आभार गुरुजी 🙏

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  2. Bahut sundar kavita ❤️ pure bharat ka varnan ek kavita me kar diya ❤️

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  3. अदभुत कृति 🥰🥰🥰

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  4. आपकी कविता में कश्मीर की बर्फ से लेकर कन्याकुमारी के समुद्र तक, हर जगह की खुशबू और रंग इसमें झलकते हैं। मुझे अच्छा लगा कि इसमें सिर्फ जगहों का ज़िक्र नहीं है, बल्कि उनकी आत्मा भी दिखाई देती है—कहीं वीरता, कहीं श्रद्धा, कहीं कला और कहीं संस्कृति।

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