Thursday, September 9, 2021
जंग या जिंदगी ?
Sunday, September 5, 2021
“शिक्षक दिवस : गुरु वंदना”
प्रभु तेरा गुणगान कर सकूँ
इस काबिल जिसने बनाया है
मेरे अज्ञानरूपी अंधकार में
ज्ञान का दीपक जलाया है|
उन गुरुओं के चरणों मे सदा
शीश अपना झुकाया है
प्रभु तेरे इस दिव्य स्वरुप को
आखर -आखर से सजाया है|
जिसने ज्ञान की जोत जलायी
जिसने अक्षर की पहचान दिया
गुरु के ज्ञान से होकर काबिल
सबको जग ने सम्मान दिया|
उस गुरु का मान रख सकें
प्रभु इतना वरदान देना
हम भी गुरु पग चिह्न पर चले
हमको सन्मार्ग की पहचान देना|
मेरे गुरु तारणहार है मेरे
मेरे पहले भगवान भी
हे गुरुवर! तुम ज्ञाता हो जग के
प्रभु तुल्य इंसान भी|
महिमा तुम्हारी वर्णन कर सकूँ
मुझमे इतना ज्ञान नहीं
वह मंदिर भी श्मशान सा मेरे लिए
जहां गुरुओं का सम्मान नहीं|
शब्द नहीं उचित उपमा को
अब कलम को देता विराम हूँ
गुरुवर आप अजर अमर रहें
चरणों मे करता प्रणाम हूँ
चरणों में करता प्रणाम हूँ||
गुरु का सम्मान केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवनभर की साधना है।
जिस समाज में गुरु का आदर नहीं, वहां शिक्षा का प्रकाश कभी स्थायी नहीं हो सकता।
आइए, इस शिक्षक दिवस पर हम प्रण करें कि गुरुजनों का सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने आचरण और कर्मों से करेंगे।
💬 आपके जीवन में किस गुरु ने सबसे गहरा प्रभाव डाला? कृपया नीचे कमेंट में साझा करें।
शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
Tuesday, August 31, 2021
माँ का प्यार....
माँ की ममता है ही कुछ ऐसी
जिसे कोई समझा नहीं सकता,
यह सर्वोच्च आस्था से बना है
और इसके बलिदान से बड़ा कुछ हो नहीं सकता
यह पाक साफ और निःस्वार्थ है
इससे स्थायी क्या हो सकता है
ना कोई उसके प्यार को छीन सकता
और कुछ भी इसे ना मिटा सकता है |
यह धैर्य और क्षमाशीलता ना खोता
भले ही भरोसा रहा हो टूट
और यह कभी विफल नहीं होता
चाहे सबकुछ रहा हो छूट |
इसमे विश्वास अनंत अडिग है
चाहे जग निंदा करे चहु ओर
यह पूर्ण सुंदरता से चमकता
सबसे चमकीले रत्न सा कहीं दूर |
यह परिभाषित का मोहताज नहीं है,
यह सभी तर्कों की करे निंदा
रहस्यमय है अभी भी दुनियां के नज़रों मे
सृष्टि के अन्य रहस्यों की तरह,
एक बहुत ही शानदार चमत्कार
मनुष्य समझ ही नहीं सकता
यह एक चमत्कारिक सबूत है
खुदा के चामत्कारिक हाथों का |
(हैरी)
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मैं कब कहाँ क्या लिख दूँ इस बात से खुद भी बेजार हूँ मैं किसी के लिए बेशकीमती किसी के लिए बेकार हूँ समझ सका जो अब तक मुझको कायल मेरी छवि का...
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वो जो कहते थे सांसे थम जायेंगी तुमसे बिछड़ कर सुना है किसी और को CPR दे रहे हैं तुम हो तुम थे और तुम्हीं रहोगे कहने वाले किसी और को प्यार...





