Wednesday, February 21, 2024

पर चूहे से भी डरती है..


हवा से दोस्ती है उसकी,
कलियों से गुफ़्तगू करती है,
शेरनी-सी छवि समेटे हुए,
पर चूहे से भी डरती है।

वाचाल है—सब कह जाती है,
बातें मन में टिकती कहाँ,
खुद ही अपनी खिल्ली उड़ाती,
और हँसती जी भर यहाँ।

अभी तो दुनिया देखी भर है,
फिर भी अनुभव गहरा-तमाम,
कर्मों में लगभग परिपूर्ण,
बातों से लगती है नादान।

भीड़ भरे इस समाज में वो
अपना वजूद बचाती है,
रिवाज़ों के भारी पत्थर से
हर रोज़ खुद को उठाती है।

नाज़ुक-सी है, पर भीतर से
लोहा बनकर जीती है,
टूटे ख्वाबों की किरचों से
फिर अपनी राहें सीती है।

उसकी हँसी में सुकून भी है,
और एक खामोश सवाल भी—
क्यों हर लड़की के हिस्से में
आता है इतना जंजाल भी?

फिर भी हर सुबह उठकर वो
उम्मीद की लौ जलाती है,
अपने छोटे-से आँगन में
पूरा आसमाँ सजाती है।

जुड़ रहा जीवन में उसके,
है एक नया अध्याय आज,
परेशानी में भी हँसा दे सबको,
वो खुशियों की सजीव आवाज़।

दुआ है बस इतना रब से—
उसकी राहें आसान रहें,
वो जैसी है, वैसी ही रहकर
हर दिल की पहचान रहें।

खुशियाँ मिलें उसे अपार,
घर-आँगन में उजियाली हो,
सपने सारे सच हो जाएँ,
वो परिवार की अंशुमाली हो।

 



32 comments:

  1. Replies
    1. बहुत बहुत आभार गुरुजी 🙏

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  2. खुशियाँ मिले तमाम उसको

    घर परिवार मे भी खुशहाली हो

    सपने उसके हो सब पूरे

    वो परिवार की अंशुमाली हो ||
    भगवान आपकी दुआ कुबूल खरें
    बहुत सुन्दर सृजन उस सुन्दरतम के लिए।

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  3. Bahut sundar panktiyan, 💗💗💗

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  4. दुआएँ दिल की कुबूल हों।
    हर खुशी उसके पाँव की धूल हो
    -----
    बहुत सुंदर भावपूर्ण रचना।
    सादर।

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  5. सुंदर भावाभिव्यक्ति ।

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  6. जिन्दगी का ये नया अध्याय तमाम खुशियाँ लेकर आए ...
    लाजवाब रचना
    आपको पहली बार पढ़ा.

    पधारें - तुम हो तो हूँ 

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  7. लाजवाब है वो! बहुत सुंदर!!!

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  8. भावपूर्ण प्रार्थना अवश्य स्वीकार होगी

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  9. बेहतरीन, अद्भुद लेखन

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  10. बहुत सुंदर रचना

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  11. बहुत सुंदर रचना
    बधाई

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  12. क्या बात है, लाजवाब रचना।

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  13. अतिसुंदर ❤️🥰

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